संविधान का निर्माण -Study Hindi

संविधान का निर्माण(samvidhan ka nirmaan)

samvidhan ka nirmaan kaise hua ?
1946 ई. में ब्रिटेन के प्रधानमंती एटली ने ब्रिटिश मंत्रिमंडल के तीन सदस्यों (सर स्टेफोर्ड क्रिप्स, लॉर्ड पीठिक लॉरेन्स तथा ए. वी. अलेक्जेंडर) को भारत भेजम जिसे कैबिनेट मिशन कहा गया
कैबिनेट मिशन का मुख्य कार्य संविधान सभा का गताहन कर भारतीय द्वारा अपना संविधान वनाने के कार्य को प्रारंभ करना था
भारत में जवाहर लाल नेहू की अध्यक्षता में अंतरिम सरकार का गठन कैबिनेट मिशन योजना के तहत किया गया | अंतरिम मंत्रिमंडल इस प्रकार था
1.    जवाहरलाल नेहरु -----कार्यकारी परिषद् के उपाध्यक्ष, विदेशी मामले  तथा राष्ट्रमंडल
2.    वल्लभभाई पटेल-----गृह, सुचना , तथा  प्रसारण
3.    बलदेव सिंह ---रक्षा
4.    जान मथाई ---- उधोग तथा आपूर्ति
5.    सी. राजगोपालाचारी ----सिक्षा
6.    सी. एच. भाभा --------कार्य , खान तथा बंदरगाह
7.    आसफ अली -----रेलवे
8.    जगजीवन राम ---श्रम
9.    राजेंद्र प्रसाद ---- खाध एवं कृषि
10.   लियाकत अली खान --------वित्त
11.   आई. आई. चुन्द्रिगर ----वाणिज्य
12.   अब्दुल रब नश्तर -----संचार
13.    जोगेंद्र नाथ मण्डल --------विधि
14.    गजांतर अली खान -----स्वस्थ्य

संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 389 निशिचित की गई, जिसमे से 296 ब्रिटिश प्रान्तों के प्रतिनिधि (२१३ सामान्य 79 मुस्लमान तथा 4 सिख ) 4 कमिशनरी क्षेत्रो के प्रतिनिधि तथा 93 देशी रियासतों के प्रतिनिधि थे
 samvidhan ka nirmaan

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योजना में यह कहा गया की

1.    प्रतेयक प्रान्त द्वारा भेजे जाने वाले सदस्यों की संख्या उनकी जनसँख्या के आदशर पर निशिचित की जाए और इस सम्बन्ध में 10- लाख की जनसँख्या पर एक प्रतिनिधि लेने का नियम अपनाया जाए
2.    प्रान्तों को इस आधार पर दिए गए स्थान उनमे निवास करने वाली प[रामुख जइयो में उनकी संख्या के आधार पर विभाजित कर दिए जाए| प्रत्येक जाति के प्रतिनिधि उस जाति के सदस्यों द्वारा निर्वाचित किये जाए | मतदाताओ को तीन वारहो में बटने का निश्चय किया गया –साधारण , मुसल्मंताथा सिख (केवल पंजाब)
3.    रियासतों को भी जनसँख्या के आधार पर ही प्रतिनिधित्व देने का निश्चय किया गया ,किन्तु उनके प्रतिनिधयो के चुनाव का ढंग ब्रिटिश भारत में से संविधान सभा के लिए चुने गए प्रतिनिधियों की समझौता समिति और देशी रियासतों की तरफ से बैठे गई समिति के बीच में आपसी बातचीत द्वारा तय होना था
4.    प्रान्तों के अलग संविधान की भी इस योजना में व्यवस्था की गई
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अधिवेशन 9 दिसम्बर 1946 को संसद भवन के केन्द्रीय कक्ष  में संपन्न हुआ |डॉ. सचिदानन्द सिन्हा को सर्वसम्मति से संविधान सभा का अस्थायी अध्यक्ष चुन  लिया गया

11 दिसम्बर 1946 को कांग्रेस के नेता डॉ राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के सताई अध्यक्ष निर्वाचित किये गए जो की अंत तक इसके अध्यक्ष बने रहे

13 दिसम्बर 1946 को जवाहरलाल नेहरु द्वारा उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया विचार विमर्श के बाद 22  जनवरी 1947 को संविधान सभा के सदस्यों न्यू इसे सर्वसम्मति से पास कर दिया

प्रस्ताव में संविधान सभा कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार, जुलाई  1946 में संविधान सभा के चुनाव संपन्न हुए

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  • संविधान सभा में ब्रिटिश प्रान्तों के 296 प्रतिनिधियों का विभाजन सांप्रदायिक आधार पर किया गया – 213 सामान्य , 79 मुस्लमान तथा 4 सिख
  • सम्सिधन सभा के सदस्यों में अनुसूचित जनजाति के सदस्यों की संख्या 33 थी
  • संविधान सभा में महिला सदस्यों की संख्या 12 थी
  • संविधान सभा के लिए कुल 389 सदस्यों में से. ,प्रान्तों के लिए निर्धारित 296 सदस्यों के लिए ही चुनाव हुए |इस चुनाव में कांग्रेस को 208 , मुस्लिम  लीग को 73 युनियांलिस्ट पार्टी को 1. ,युनियांनिस्ट पार्टी को 1, युनियांनिस्ट अनुसूचित जातियों को 1, कृषक प्रजा पार्टी को 1, अनुसूचित जाति परिसंघ को 1, सिख को 1, कम्युनिस्ट को 1, तथा स्वतंत्र को 8 स्थान प्राप्त हुए
  •  9 दिसम्बर 1946 को संविधान सभा की प्रथम बैठक हुई, जिसमे मुस्लिम लीग ने भाग नहीं लिया

संविधान सभा का अने निश्चय किया की ---

1.    हम भारत को स्वतंत्र और सम्पूर्ण प्रभुत्व्सम्पन्न गणराज्य बनाने की घोषणा करते है
2.    भारतीय गणतंत्र प्रान्तों और रियासतों दोनों का संघ होगा
3.    भारतीय संघ और उनके राज्यों में समस्त शक्ति का मूल स्त्रोत जनता ही होगी
4.    भारत के सभी निविसियो को न्याय, सामाजिक , आर्थिक   राजनितिक ,पद . अवसर और कानूनों की समता, विचार , भाषण , अभिव्यक्ति व् विशवास आदि में स्वतंत्रता प्राप्त करना है तथा उनकी प्रत्याभूति सुनिशिचित होगी
5.    संविधान में अल्पसंख्यको ,पिछड़ी जातियों व् कबायली जातियों के लिए प्रयाप्त सरक्षण होगी

उदेदश्य प्रस्ताव की द्विकृति के पश्चात् संविधान सभा ने संविधान निर्माण की समस्या के विभिन्न पहलुओ के सम्बन्ध में अनेक समितिया नियुक्त की
कुछ महत्वपूर्ण समितिया निम्नलिखित है
1.    संघ शक्ति समिति – 9 सदस्य                  जवाहरलाल नेहरु (अध्यक्ष)
2.    मूल अधिकार और अल्पसंख्यक समिति
--(54 सदस्य)                                सरदार वल्लभभाई पटेल (अध्यक्ष)
3       3. कार्य संचालन समिति -3 सदस्य                  डॉ. कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी
                                                         (अध्यक्ष)
3.    प्रांतीय संविधान समिति -25 सदस्य              सरदार वल्लभभाई पटेल (अध्यश)
4.    संघ संविधान समिति -15 सदस्य                  पंडित जवाहरलाल नेहरु (अध्यक्ष)


संविधान के प्रारूप को सर बी. एन, राव ने तैयार किया | ये संविधान सभा के सलाहकार थे | इस प्रारूप की समीक्षा के लिए संविधान सभा द्वारा 29 अगस्त 1947 को एक संकल्प पारित करके प्रारूप समिति का गठन किया

प्रारूप समिति के सदस्यों की संख्या सैट थी , जो निम्न प्रकार है
1.    डॉ . भीम राव आंबेडकर
2.    एन. गोपाल स्वामी आयंगर
3.    अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर
4.    कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी
5.    सैयद मुहमद सादुल्ला
6.    एन. माधव राव
7.    डी. पी, खेतान
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  • प्रारूप समिति ने संविधान के प्रारूप पर विचार विमर्श करने के बाद 21 फरवरी 1948 को अपनी रिपोर्ट संविधान सभा को पेश की 
  • संविधान सभा में संविधान का प्रथम वचन 4 नवम्बर 1948 को प्रारंभ हुआ जो 9 नवम्बर 1948 तक चला | संविधान का तीसरा वाचन 15 नवम्बर 1948 को प्रारंभ हुआ, जो 17 अक्टूबर 1949 तक चला
  • संविधान का तीसरा वाचन 14 नवम्बर 1949 को प्रारंभ हुआ ,जो 26 नवम्बर 1949 तक चला | इस प्रकार संविधान  सभा द्वारा संविधान को पारित कर दिया गया 
  • संविधान निर्माण की प्रक्रिया में कुल 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन लगे | इस कार्य पर लगभग 46 लाख रुपये व्यय हुए
  • संविधान के प्रारूप पर 114 दिन तक चर्चा चली
  • संविधान सभा के सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान पर हस्ताक्षर किये और इसी दिन संविधान सभा को विघटित करके इसे अंतरिम संसद के रूप में परिवर्तित कर दिया गया | इसी दिन संविधान सभा द्वारा डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत का प्रथम राष्ट्रपति चुन लिया गया 
  • 26 नवम्बर 1949 को जब संविधान को संविधान सभा द्वारा पारित किया गया , तब इसमें कुल 395 अनुच्छेद तथा 8 अनुसूचिय थी |

                        चार्टर अधिनियम 1813
                       1793 का चार्टर अधिनियम
                       1786 का चार्टर एक्ट
                       एक्ट ऑफ़ सेटलमेंट 1781
                      रेगुलेटिंग एक्ट 1793

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