राज्यों का पुर्नगठन - Study Hindi


राज्यों का पुर्नगठन

भारत में ब्रिटिश शासन काल के दौरान सर्वप्रथम 1912 ई. में भाषायी आधार पर तीन राज्यों , बिहार , उड़ीसा(अब ओडिशा ) तथा असम (अब असोम ) का गठन किया गया
1 अक्टूबर 1953  को आन्ध्र प्रदेश राज्य का गठन किया गया | यह स्वतंत्र भारत का भाषा के आधार पर गठित होने वाला प्रथम राज्य था |

22 दिसम्बर 1953 को राज्य पुर्नगठन आयोग की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की गयी | इस आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति फजल अली थे तथा आयोग के अन्य सदस्य के. एम्. पणिक्कर तथा ह्रदय नाथ कुंजरू थे | आयोग ने अपनी रिपोर्ट 30 दिसम्बर 1955 को केंद्र सरकार को सौप दी | केंद्र सरकार ने आयोग की सिफारिश को कुव्ह संशोधन के साथ स्वीकार करते हुए राज्य पुर्नगठन अधिनियम , 1956 संसद से पारित करवाया |

राज्य पुर्नगठन अधिनियम ,1956 के अंतर्गत भारत में 14 राज्य तथा 6 केन्द्रशासित प्रदेश स्थापित किए गए | 14 राज्य निम्न है ---
1.    आन्ध्र प्रदेश
2.    असम
3.    बिहार
4.    मुम्बई
5.    जम्मू-कश्मीर
6.    केरल
7.    मध्यप्रदेश
8.    चेन्नई
9.    मैसूर
10.   उड़ीसा
11.   उतर प्रदेश
12.    पंजाब
13.   राजस्थान
14.  पश्चिम बंगाल
6 केन्द्रशासित प्रदेश निम्न थे-
1.    दिल्ली
2.    हिमाचल प्रदेश
3.    मणिपुर
4.    त्रिपुरा
5.    अंडमान निकोबार
6.    लक्षद्वीप तथा मिनिकोय द्वीप

28 मई 1956 में फ़्रांस की सरकार के साथ हस्तांतरण संधि पर भारत द्वारा हस्ताक्षर किये गए ,जिसके परिणामस्वरूप भारत ने पौण्डिचेरी ,चंद्रनगर ,माहे, और कारकल को मिलाकर ‘पौण्डिचेरी ‘ संघ राज्य क्षेत्र का गठन हुआ

18 दिसम्बर 1961 में भारत सरकार ने गोवा , दमन व् दिव की मुक्ति के लिए पुर्तगालियो के विरुद्ध कार्यवाही की और उन पर पूर्ण अधिकार कर लिया और इसे संघ राज्य क्षेत्र बनाया

बम्बई पुर्नगठन अधिनियम 1960 द्वारा बम्बई राज्य को विभाजित करके गुजरात नामक एक नय राज्य बनाया गया और बम्बई के बचे हुए राज्य को महाराष्ट्र नाम दिया गया

नागालैंड राज्य अधिनियम 1962 के द्वारा असम राज्य को विभाजित करके नागालैंड राज्य बनाया गया

पंजाब पुर्नगठन अधिनियम 1966 के द्वारा पंजाब राज्य को पंजाब और हरियाणा राज्यों में चंडीगढ़ को संघ राज्य क्षेत्रो में बांटा गया

असम पुर्नगठन अधिनियम 1969 द्वारा असम को विभाजित करके मेघालय नामक एक उपराज्य बनाया गया

हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम 1970 द्वारा हिमाचल प्रदेश के संघ राज्य क्षेत्र को राज्य का दर्जा दिया गया

पूर्वोतर क्षेत पुर्नगठन अधिनियम 1971 द्वारा मणिपुर , त्रिपुरा , मेघालय , को राज्यों के प्रवर्ग में शामिल किया गया  और मिजोरम तथा अरुणाचल प्रदेश को संघ राज्य क्षेत्र में सम्मिलित किया गया

1950 के बाद अस्तित्व में आने वाले राज्य



नवगठित राज्य
सम्बंधित अधिनियम
वर्ष
पूर्ववर्ती राज्य क्षेत्र
1.    आन्ध्र प्रदेश
आन्ध्र प्रदेश राज्य पुर्नगठन अधिनियम
1953
मद्रास
2.    गुजरात व् महाराष्ट्र
बम्बई पुर्नगठन
1960
बम्बई
3.    केरल
केरल पुर्नगठन
1956
ट्रावनकोर – कोचीन
4.    कर्नाटक
मैसूर पुर्नगठन
1956
मैसूर
5.    नागालैंड
नागालैंड राज्य अधिनियम
1962
असम
6.    हरियाणा
पंजाब पुर्नगठन अधिनियम
1966
पंजाब
7.    हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम
1970
हिमाचल संघ राज्य क्षेत्र
8.    मेघालय
23 वा संविधान संशोधन अधिनियम
1969
असम
9.    मेघालय
पूर्वोतर क्षेत्र पुर्नगठन अधिनियम
1971
असम

10.   सिक्किम
23 वा संविधान संशोधन अधिनियम
1974
अधिकृत राज्य क्षेत्र
11    मिजोरम
मिजोरम राज्य अधिनियम
1986
मिजोरम संघ राज्य क्षेत्र

12. अरुणाचल प्रदेश
अरुणाचल प्रदेश अधिनियम
1986
अरुणाचल प्रदेश संघ राज्य क्षेत्र
13.   गोवा
गोवा , दमन और दीव पुर्नगठन अधिनियम
1987
गोवा , दमन-दीव संघ राज्य क्षेत्र
14.   छत्तीसगढ़
मध्य प्रदेश पुर्नगठन अधिनियम
2000
मध्य प्रदेश
15.   उतराखंड
उतर प्रदेश पुर्नगठन अधिनियम
2000
मध्यप्रदेश
16.  उतराखंड (पूर्ववर्ती उतरांचल )
उतर प्रदेश पुर्नगठन अधिनियम
2000
उतर प्रदेश
17.  झारखण्ड
बिहार पुर्नगठन अधिनियम
2000
बिहार
 rajyo ke purngathan aayog 

क्षेत्रीय परिषदे

भारतीय संविधान में क्षेत्रीय परिषदों के सम्बन्ध में कोइऊ प्रावधान नहीं किया गया था | बाद में राज्य पुर्नगठन अधिनियम , 1956  की धारा 15 में इस सम्बन्ध में प्रावधान किया गया
भारत में पांच क्षेत्रीय परिषदे है

क्षेत्रीय परिषदे का निर्माण संसद के अधिनियम द्वारा हुआ है , लेकिन यह एक संवैधानिक संस्था नहीं है

क्षेत्रीय परिषदे तथा उनके अंतर्गत शामिल राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रो का विवरण निम्न प्रकार है
1.    उतर क्षेत्रीय परिषद् –जम्मू- कश्मीर , हरियाणा , पंजाब , हिमाचल प्रदेश , राजस्थान , चंडीगढ़ , एवं दिल्ली | मुख्यालय – नई दिल्ली

2.    मध्य क्षेत्रीय परिषद् – उतर प्रदेश ,, मध्य प्रदेश , उतराखंड , तथा छतीसगढ़ | मुख्यालय – इलाहबाद

3.    पूर्वी क्षेरिये परिषद – बिहार , पश्चिम बंगाल , ओडिशा , असोम , सिक्किम , ,मणिपुर , त्रिपुरा , मेघालय , नागालैंड , अरुणाचल प्रदेश , मिजोरम , तथा झारखण्ड | मुख्यालय – कोलकाता

4.    पश्चिम क्षेत्रीय परिषद् – गुजरात , महाराष्ट्र , गोवा , दमन एवं दीव तथा दादर एवं नागर हवेली | मुख्यालय – मुम्बई

5.    दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद् – आन्ध्र प्रदेश , केरल ,,कर्नाटक , तमिलनाडु ,तथा पाण्डिचेरी | मुख्यालय – चेन्नई

इन क्षेत्रीय परिषदों में `1971 में एक पूर्वोतर परिषद् भी जोड़ दिया गया

पूर्वोतर क्षेत्र परिषद् – असोम , मणिपुर , मेघालय ,नागालैंड , त्रिपुरा , अरुणाचल प्रदेश तथा मिजोरम
क्षेत्रीय परिषदों का गठन –क्षेत्रीय परिषदों का गठन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है | इसके निम्नलिखित सदस्य है

1.    भारत का गृहमंत्री या राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत केंद्र सरकार का एक मंत्री

2.    क्षेत्रीय परिषद् के अधीन आने वाले राज्यों के मुख्यमंत्री

3.    क्षेत्रीय परिषद् के अधीन आने वाले प्रत्येक राज्य के राज्यपाल द्वारा नामजद दो –दो अन्य मंत्री
4.    संघ राज्य क्षेत्रो के मामले में प्रत्येक के लिए राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत एक सदस्य
5.    योजना आयोग के सदस्यगण (सलाह कर के रूप में )

6.    क्षेत्रीय परिषदों में शामिल राज्यों के मुख्य सचिव (सलाहकार के रूप में )

प्रत्येक क्षेत्रीय परिषद् का भारत के गृहमंत्री या राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत केंद्रीय मंत्री अध्यक्ष होता है तथा सम्बंधित राज्यों के मुख्यमंत्री उपाध्यक्ष होते है , जो प्रतिवर्ष बदलते है |

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